
हे भगवान मैं तुझे इसलिए वन्दन नहीं करता के
करोड़ो देव तेरी सेवा करते हैं
करोड़ो देव तेरी सेवा करते हैं
इसलिए भी नहीं की तेरे पास
34 अतिशय और अलौकिक शक्तियां हैं
34 अतिशय और अलौकिक शक्तियां हैं
इसलिए भी नहीं कि इंद्र नरेंद्र और
सुरेंद्र तेरी पूजा करते हैं
सुरेंद्र तेरी पूजा करते हैं
इसलिए भी नहीं की अलौकिक तेरा समवशरण है। और तेरे जन्म कल्याणक से नारकी के जीव भी शुकुन का अनुभव करते हैं।
इसलिए भी नहीं कि तू करुणा सागर है, तेरे दर्शन मात्र से प्राणी मात्र के अनंतकाल के पाप नष्ट हो जाते हैं , और वो शांति और सुख पा लेता है
जय जिनेन्द्र ।।
जय जिनेन्द्र ।।
BEST REGARDS:- ASHOK SHAH & EKTA SHAH
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