ॐ ह्रीँ श्री शंखेश्वरपार्श्वनाथाय नम: દર્શન પોતે કરવા પણ બીજા મિત્રો ને કરાવવા આ ને મારું સદભાગ્ય સમજુ છું.........જય જીનેન્દ્ર.......

श्री मुनिसुव्रत स्वामी , नवरंगपुरा , अहमदाबाद

Image may contain: 1 person, food

तीर्थंकर श्री मुनिसुव्रत भगवान चैत्यवंदन/स्तुति (20)

मुनिसुव्रत स्वामी का चैत्यवन्दन

मुनिसुव्रत जिन वीशमा, कच्छप नूं लँचन,
पद्मा माता जेहनी सुमित्र नृप नंदन।।१।।

राजगृही नगरी धणी, बीस धनुष शरीर,
कर्म निकाचित रेणु व्रज, उद्दाम समीर।।२।।

तीस हजार वरस तणु ऐ, पाली आयु उदार,
पद्म विजय कहे शिव लह्या, शाश्वत सुख निराधार ।।३।।

||थोय्-स्तुति ||

मुनिसुव्रत नामे, जे भवि चित्त कामे ,
सवि संपत्ति पामे ,स्वर्गना सुख जामे ।
दुर्गति दुःख वामे ,नवि पड़े मोह भामे,
सवि कर्म विरामे ,जई वसे सिद्धि धामे ।


BEST REGARDS:- ASHOK SHAH & EKTA SHAH
LIKE & COMMENT - https://jintirthdarshan.blogspot.com/
THANKS FOR VISITING.

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.