१.यदि कोई व्यक्ति आपका बताया हुआ काम करता है तो वो आपका पुण्य हैं
कृपया अपने पुण्य को खर्च मत कीजिए
अपना काम खुद अपने आप करने का लाभ लीजिए
और पुण्य की राशी को जमा कीजिए
२.पूज्य गुरुदेव या माता पिता यदि आपको कोई भी काम कहे तो वो दूसरे को मत कहिए खुद कीजिए और पुण्य का उपार्जन करने का लाभ लीजिए
३.पुण्य खर्च करना बहुत आसान हैं लेकिन उपार्जन करना कठिन हैं
BEST REGARDS:-
ASHOK SHAH & EKTA SHAH
LIKE & COMMENT - https://jintirthdarshan.blogspot.com/
THANKS FOR VISITING.