हे पुष्पदंत !
हे चंद्रप्रभ !
हे चंद्रशेखर !
आपकी जय हो !
हे चंद्रग्रह अधिष्ठित
चंद्रप्रभ स्वामी !
वृश्चिक राशि में आपका जन्म
यानि नीच राशि का चंद्र भी
मानो आपकी शरण में आकर
उच्च के चन्द्र जैसा फल देने लगा!
आपकी जय हो !
हे चंद्रांक !
आपकी जय हो !
विशेष:
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सभी ग्रह अरिहंत की शरण में रहते हैं !
जैन धर्म में ग्रहों में सबसे बलवान चन्द्र ग्रह
को माना गया है.
नीच का चंद्र भी उच्च जैसा फल देने लगे,
ऐसे चंद्रप्रभु को रोज सवेरे कौन प्रणाम नहीं करेगा!
BEST REGARDS:-
ASHOK SHAH & EKTA SHAH
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